जिंदगी खुद एक दुर्घटना है,बाकि जो हो रहा है, वो तो महज घटना है। जन्म भी कहाँ आसान था,तुम भी पीड़ा में थे और माँ भी,क्या खून-पसीना तब नहीं बहा था?अब तो महज खून-पसीने की बात होती है,जन्म के वक्त जितनी कहाँ काली रात होती है। जब धरती पर आये थे,तब कितने दर्द में होते … Continue reading जिंदगी खुद एक दुर्घटना है।
Category: Uncategorized
जो होगा, वह करना होगा
रूह को सींचते रहना होगा, हवा को खींचते रहना होगा। नसों को बहते रहना होगा, समंदर में ढहते रहना होगा। बादल को धड़कते रहना होगा, आँखों को बरसते रहना होगा। शाम को ढलते रहना होगा, छाँव को चलते रहना होगा। जो होगा, वह करना होगा, वह करते रहना होगा। ~मु.
मैं क्या लिखूँगा अफसाने में। (1)
मैं बचा ही नहीं जमाने में। मैं क्या लिखूँगा अफसाने में। मैंने कुछ किया नहीं सिवाय छुपाने के। मैं क्या लिखूँगा अफसाने में। क्या अच्छा था खुद को जलाने में। मैं क्या लिखूँगा अफसाने में। अंधेरे से घोर अंधेरे तक का सफर था, मैं क्या बताऊँगा उजाले में। मैं क्या लिखूँगा अफसाने में। कितना कुछ … Continue reading मैं क्या लिखूँगा अफसाने में। (1)
दिल का शव
सर पकड़े बैठी है महसूस यहां, चेहरा मानो काँटों से लादा हो, लब सूखे हैं, आँखें डूबी हैं, दिल का शव पानी से ऊपर आ चुका है, पलके बुझी हैं, मैं मोमबत्ती सा जल रहा हूँ, लौ बुझने को है, फड़फड़ा रही है जान अभी, मर चुकी हैं भरे गाँव की सारी ख्वाहिशें, श्मशान गलियों … Continue reading दिल का शव
पत्ते ही पत्ते
शाम को ताश खेलने की जगह, राजस्थान शाम के पत्ते ताश के पत्ते पेड़ के पत्ते अहसास के पत्ते, सजाए है यहां बकरी ऐसे पत्ते खाए है देख पत्तों ने पत्ते छुपाए है कुछ सांस के पत्ते कुछ घास के पत्ते कुछ चेहरे के पत्ते कुछ पहरे के पत्ते कुछ शाखों के पत्ते कुछ आंखों … Continue reading पत्ते ही पत्ते
राजस्थान मतलब मिट्टी
जब मिट्टी को मन हो, या मिट्टी सा मन हो, या हरियाली से मन भर जाए, या जब फिर मन बंजर हो जाए फिर राजस्थान भाए फिर राजस्थान भाए यहां ना समंदर का किनारा है फिर भी ना दिल बेचारा है पर डूबते सूरज का नजारा है भेड़ों का झुंड आवारा है खुली है धरती … Continue reading राजस्थान मतलब मिट्टी
I Free You
रोना
मुझे किसी पर रोना नहीं आता,अगर आता तो खुद पर सबसे ज्यादा आता... पत्थर को अब पहाड़ से क्या फर्क पड़ता है,मुझमें दिल होता तो कब टूट जाता... लहरों से मत जानों समंदर की उमंग,यूं शांत न होता अगर उफान पर तूफान न आता... मैंने हर सफर की मंजिल एक रखी थी,रस्ता अगर उस तक … Continue reading रोना
मेलजोल
कारण पिघला सा…
"कारण जो भी हो, ठोस होना चाहिए...बर्फ पिघली सी हो तो पानी कहलाती है, और कारण पिघला सा हो तो बहाना।"







