What is confidence for me?

Hello friend today i want to talk about What is confidence for me? After long time i understood confidence was not work for me only pretending as confident. Only Pretending as confident is a feeling. so it’s dont work for long time. After sometime we will forget it.It’s like movies when we watch we feel … Continue reading What is confidence for me?

Teacher एक अनकहा किस्सा

सबके बचपन की याद में जिनका भी कुछ हिस्सा है, उनमे Teacher भी एक अनकहा किस्सा है। भले हम अब बड़े हो गए है अब क ख छोटे लगते है, बाते हम अब लाखो में करे गिनती सुनाने से कहाँ अब डरते है, पर एक अक्षर से शब्द, और फिर लाइनों से बनी इस अब … Continue reading Teacher एक अनकहा किस्सा

Just different (बस अलग)(animation story)

जेम्स पलेट के सामने एक लम्बी टेबल पर बैठा हुआ था। आस पास कतार में बहुत से लोग भी बैठे हुए थे। यह जगह एक महल जैसे आलीशान होटल की तरह थी। जिसके ऊपर चारो तरफ गेल्लरी बनी हुई थी, जो टेबल के उपर थी, जहां से लोग टेबल पर बैठे बैठे नीचे की तरफ … Continue reading Just different (बस अलग)(animation story)

पगडंडियों का संसार

बिजलियों सा चलती है,बादलों सा बनती बिगड़ती है।कल-कल उतरे जो ढलानों से,ठहरा मन चलने को तैयार है।पगडंडियों का संसार है।देखते हैं रोमांच के दीवाने,बुझ कर जल उठे परवाने।लहराता सा जो यह हल्का सा भार है,फूलों से लदी बहार है।पगडंडियों का संसार है।जमीन को सजाए,किनारे पर आए,ठहर वहीं जाते हैं,जो लोग आते हैं।शायद कोई खलल नहीं … Continue reading पगडंडियों का संसार

खुशी, जहां हो वहां नही तो कहीं नही #33

युवम आज अपने कुछ दोस्तों से कई दिनों के बाद मिला। मिल कर अच्छा लगा। कई बार युवम को लगता था कि वो किसी दूसरे की परवाह थोड़ी ज्यादा करता था लेकिन अब वो बात नही थी। ल अब ऐसा नही था। पहले जब युवम किसी के पास होता या कोई उसके पास आता था … Continue reading खुशी, जहां हो वहां नही तो कहीं नही #33

कीमत

एक बात की कीमत चुका रहे हैं हम,अंधेरी रात की कीमत चुका रहे हैं हम।मुफ़्त है बुझना यहां,जलने की कीमत चुका रहे हैं हम।धुआं-धुआं दिख रहा है सारा सफर,फिर भी फड़फड़ाए जा रहे हैं हम।सदा से मृगतृष्णा सी ठहरी मोहब्बत,दरियादिली की कीमत चुका रहे हैं हम।ख्याल और ख्वाब तो सस्ते में लिए थे,अब ख्वाहिश की … Continue reading कीमत

जिंदगी खुद एक दुर्घटना है।

जिंदगी खुद एक दुर्घटना है,बाकि जो हो रहा है, वो तो महज घटना है। जन्म भी कहाँ आसान था,तुम भी पीड़ा में थे और माँ भी,क्या खून-पसीना तब नहीं बहा था?अब तो महज खून-पसीने की बात होती है,जन्म के वक्त जितनी कहाँ काली रात होती है। जब धरती पर आये थे,तब कितने दर्द में होते … Continue reading जिंदगी खुद एक दुर्घटना है।